Heaven , if you are Not here on earth जो कि Kuvempu के द्वारा लिखा गया है । ये कविता अनुवाद है एक कन्नड़ कविता का जिसका नाम है Swargave Bhoomiyoliradire Meemu । इस कविता के जो कवि है उनका मानना है कि मैंने कभी भगवान को नहीं देखा , मैंने कभी जन्नत को नहीं देखा इसलिए जो चीज़ मेरे सामने है मैं उसको मानता हूँ । जैसे प्रकृति, सूरज, चाँद, मुझे दिख रहे है तो मैं यह सबको भगवान मानता हूँ । मैं समझता हूँ कि जो ये जन्नत है वो ये दुनिया है क्योंकि दुनिया मेरी आँखों के सामने हैं । इसी तरह मेरे सामने इंसान है तो मैं इंसानो को फरिश्ता मानता हूँ और समझता हूँ की इंसानो में ही भगवान बसा हुआ है । मैं आपको पूरी कविता समझाता हूँ ताकि आपको कविता अच्छे से समझ मे आ जाए ।
![]() |
| Heaven, If you are Not here on Earth Summary |
Heaven, If you are Not here on Earth Summary
Heaven, if you are not on earth Where else could you be !
लेखक कहते है जन्नत जो है , वो इस दुनिया में ही है । ये दुनिया इतनी खूबसूरत है कि मुझे नहीं लगता है कि इस दुनिया से भी ज्यादा खूबसूरत भी कोई जगह है । अगर जन्नत इस दुनिया मे नहीं है तो ऐसी कौन सी जगह है जो इससे भी ज्यादा सुंदर है । लेखक घुमा फिरा कर यही बताना चाहते है कि जन्नत इस दुनिया मे ही है ।
If we Ourselves cannot be god then, there can be no gods,
लेखक को ऐसा लगता है कि भगवान भी हमारे अंदर ही है । हमारे अंदर भगवान बसे हुए है ।
If we ourselves aren't heavenly nymphs the nymphs are not elsewhere
फ़रिस्ते भी आपको और कही नहीं मिलेंगे बल्कि वो आपके अंदर ही मौजुद है जैसा कि मैंने आपको बताया । कवि को ऐसा लगता है कि उसने कभी भगवान को नहीं देखा , जन्नत , फरिश्ते इन सबको उसने नहीं देखा लेकिन उसने इंसान और प्रकृति को देखा है । भगवान हमारे अंदर बसे हुए है और फरिश्ते भी हम लोग खुद है ।
While this Roaring Stream Rushes Fast rolling surf at the edge of waves the tender sunshine leant of the verdant gardens and then the gentle sun make the earth heaven.
इन लाइन्स में लेखक प्रकृति की तारीफ़ कर रहे है । उसकी खूबसूरती को बता रहे है । लेखक कहते है कि समुद्र की लहरें शोर मचाते हुए बहती है और सूरज की किरणें बगीचों पर पड़ती है मतलब जो इस दुनिया मे हरियाली है वहाँ सूरज की किरणें पड़ती है और यह देखने मे काफ़ी सुंदर लगता है तो इस तरह सूरज पूरी दुनिया को जन्नत बना देते है ।
In the Splendor of harvest and of moonlight heaven lies all over imbibing and splitting the song of nectar the poet does create heaven on earth
पिछले पंक्तियों में कवि सूरज की तारीफ कर रहे थे और इन लाइनों में चाँद की तारीफ कर रहे है । लेखक कहते है जब रात के अंधेरे में चाँद की रोशनी खेतो पर पड़ती और नेक्टर भिन-भीना रहा होता है । नेक्टर एक तरह का कीड़ा होता है और ये नज़ारा बेहद ही खूबसूरत होता है और अगर ये जन्नत नहीं है तो फिर क्या है । अगर यहाँ पर जन्नत नहीं है तो फिर कहाँ है । तो इस तरह से लेखक ने प्रकृति की तारीफ़ की है ।

1 comments:
Click here for commentsShare great information about your blog , Blog really helpful for us .
Online Global Match Finding Websites
ConversionConversion EmoticonEmoticon