aae771c5352ddb5b03fc9904694dfc39d778ce6d The Thief's Story Summary in Hindi | StudyLover ~ Study Lover

The Thief's Story Summary in Hindi | StudyLover

दोस्तों आप सभी का स्वागत मेरे एस ब्लॉग पोस्ट में | मैंने एस पोस्ट में आपको The Thief's Story की Summary हिन्दी में बताई है | इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आपको The Thief's Story Summary अच्छें से समझ में आ जाएगी 

The Thief's Story Summary | StudyLover
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The Thief's Story Summary

हरि अभी भी एक चोर था जब वह अनिल से मिला । वह अनिल से कुस्ती के मैदान में मिला । उस वक़्त हरि एक 15 साल का बच्चा था । लेकिन वह चोरी करने में बहुत माहिर था । अनिल एक 25 साल का लंबा झुका हुआ आदमी था । वह चेहरे से दिखने में बहुत सीधा-साधा था । हरि ने सोचा वह उसके घर मे बहुत आसानी से चोरी कर सकता है । उसने अनिल से कहा तुम थोड़ी बहुत कुस्ती लड़ सकते हो । अनिल ने कहा हाँ तुम भी लड़ सकते हो । हरि आस्चर्य में पड़ गया । वह तोह एक 15 साल का बच्चा है । जब कुस्ती खत्म हुई और अनिल जाने लगा हरि ने उससे मुस्कुराते हुए कहा " मैं तुम्हारे लिए काम करना चाहता हु " लेकिन अनिल ने कहा " मैं तुम्हे पैसे नाही दे पाउँगा । हरि ने उससे पूछा " क्या तुम मुझे पाल सकते हो " ? फिर अनिल ने हरी से पूछा , " क्या तुम खाना बना सकते हो ? अगर हाँ , तोह मै तुम्हें पाल सकता हु । अनिल हरि को अपने घर ले गया जो कि जमुना sweet shop  के ऊपर था । उसने हरि को बालकनी में सोने को कहा । 

हरि ने उस रात खाना पकाया जो कि इतना खतरनाक था कि , अनिल को वह खाना रास्ते के कुत्ते को देना पड़ा । उसने उसी वक़्त हरि को जाने को कहा , लेकिन हरि उसके आगे पीछे घूमता रहा । फिर अनिल को उस पर दया आ गईं । और फिर उसने हरि से कहा की , " कोई बात नही, मैं तुम्हें खाना बनाना सीखा दूंगा " । अनिल ने उसे अपना नाम लिखना भी सीखा दिया और कहा मैं तुम्हे जल्द ही पूरा वाक्य लिखना भी सीखा दूंगा । हरि को यह अच्ची तरीके से पता था कि एक दिन वह पढ़ना लिखना सिख ले एक ज्ञानी व्यक्ति के जैसा , फिर वह दुनिया मे कुछ भी प्राप्त कर सकता है जिसकी कोई व सिमा नही है । हरि को अनिल के पास काम करना अच्छा लगने लगा । वह उसके लिए सुबह में चाय बनाता था और अनिल के लिए खरीदारी करने जाता था । जिसमे की उसे एक रुपये का फायदा होता था और अनिल को इससे कोई भी ऐतराज नही होता था वह अपने घर को अजीबो - गरीब तरिके से चलाता था । वह एक से पैसे लेता था और दूसरे को चुकाता था । उसे हमेशा अपने Check  की फिक्र रहती थी । जब भी उसे कोई नया चेक मिलता वह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने चला जाता था । इसी तरह एक दिन उसे पैसे मील अपने छपे हुए मैगज़ीन के बदले में जिसका नाम था " A queer way to make a living " .वह शाम को घर आया उस पैसे के बंडल के साथ । हरि ने अनिल को पैसे अपने बिस्तर के नीचे रखते हुए देख लिया था । वह अनिल के घर पर करीब 1 महीने से काम कर रहा था । वह अनिल के घर पर चोरी करने के अलावा और कुछ भी नही करता था । लेकिन अनिल उस पर बहुत भरोसा करता था । उसने हरि को अपने घर की चाभी भी दे दी थी । रात हो गयी हरि ने सोचा अब समय आ गया है , कुछ असली काम करने का ।  

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अनिल अब सो चुका था । हरि ने सोचा कि अगर वह अभी पैसे चोरी करेगा तोह वह 10.30 बजे की ट्रैन जो कि लखनऊ जाती है ,उस पर जा सकता है । उसने पैसे चुराया ओर भागने लगा । उसने पैसे को अपने जेब मे रखा था । उसने पैसे को गिना । 600 रुपये सारे 50 के नोटों में । जब वह स्टेशन पहुँचा , उसने ट्रैन को चोर दिया । वह स्टेशन पर अकेला था । वह धीरे-धीरे बाजार की ओर चलने लगा । फिर वह मैदान की ओर चल पड़ा और जा कर बेंच पर बैठ गया । यह नवंबर की ठंडी रात थी । उसी वक़्त थोड़ी बारिश भी होने लगी । उसके सारे कपड़े और पैसे भी भींग गए । वह फिर से बाजार चला गया । उसने सोचा कि ये अनिल के पैसे है । चोरी करने के उत्साह में वह अनिल के सिखाये हुए वाक्य को भूल गया । वह दौड़ते हुए अनिल के घर पहुँचा ओर फिर से उसके बिस्तर के नीचे पैसे रख दिये । अगली सुबह अनिल ने उसे चाय बनाकर दिया और उसके कप के नीचे 50 रुपये की नोट रख दी । हरि उसे देखकर बहुत खुश हुआ लेकिन जब उसने उन पैसो को छुआ तब उसे पता चला कि वह रात वाले पैसे है जो कि भींग गए थे । हरि को पता चल गया कि अनिल को उसकी चोरी के बारे में सब पता है , लेकिन अनिल ने उसे कुछ नही कहा । अनिल ने हरी को एक बार फिर मुश्कान दी जो कि उसके दिल से खुद ब खुद आयी थी। 

दोस्तों में आशा करता हु आपको ये पढ़ कर अच्छा लगा होगा और आपको The Thief's Story का Summary समझ में आ गया होगा |

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